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शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में कीड़े: कैसे पता लगाà¤à¤‚
शिशॠके पेट में कीड़े होने का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है?
इसका मतलब है कि आपके शिशॠकी आंतों में कीड़े या कृमि का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
हो सकता है आपके शिशॠके शरीर में ये कीड़े किसी दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ में नंगे पैर चलने से, दूषित पानी में खेलने से या फिर अशà¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से आ गठहों।
जब इन अंडों में से कीड़े निकलते हैं, तो ये और बढ़ जाते हैं और शिशॠके शरीर में और अंडे दे देते हैं।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होना कितना आम है?
कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ काफी आम हैं और आसानी से फैलता है। हालांकि, यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि ये इनफेकà¥à¤¶à¤¨â€‹ कितने आम हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके अकà¥à¤¸à¤° कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते और इनके बारे में सूचना à¤à¥€ नहीं मिल पाती।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहने वाले हर पांच में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कम से कम à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ अवशà¥à¤¯ होता है। वहीं, छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में तो यह इससे à¤à¥€ अधिक आम माना जाता है।कीड़ों के अलग-अलग तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होते हैं। पिनवरà¥à¤® जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® à¤à¥€ कहा जाता है छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार के कीड़ें हैं। ये मोटे धागे के टà¥à¤•ड़े जैसे दिखते हैं, इनकी लंबाई करीब सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¤² पिन जितनी, तीन मि.मी. से 10 मि.मी. तक लंबी हो सकती है।
हà¥à¤•वरà¥à¤®, राउंडवरà¥à¤® और वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¤°à¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आम हैं। शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चलना काफी परेशान कर देने वाला हो सकता है। सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, इन कीड़ों से पीछा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ काफी आसान है और इसमें अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम समय लगता है।
कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
अधिकांशत: कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। या फिर हो सकता है कि ये लकà¥à¤·à¤£ इतने हलà¥à¤•े हों, कि उन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ही न जाà¤à¥¤
शिशॠको कीड़ों का कौन सा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† है और यह कितना गंà¤à¥€à¤° है, इसे देखते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤› आम संकेत या लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
पेट में दरà¥à¤¦à¥¤
वजन घटना।
चिड़चिड़ापन।
मिचली।
मल में खून आना।
उलà¥à¤Ÿà¥€ या खांसी, संà¤à¤µ है कि खांसी या उलà¥à¤Ÿà¥€ के जरिये कीड़ा बाहर निकल आà¤à¥¤
गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास खà¥à¤œà¤²à¥€ या दरà¥à¤¦, जहां से कीड़े अंदर दाखिल हà¥à¤à¥¤ यह खासकर पिन वरà¥à¤® के मामलों में होता है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ की वजह से ठीक से नींद न आना।
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यू.टी.आई.) की वजह से बार-बार पेशाब जाना। यह लड़कियों में अधिक आम है।
आंतरिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ जिससे की आयरन की कमी और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का सही अवशोषण न होना, दसà¥à¤¤ (डायरिया) और à¤à¥‚ख न लगना जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
अगर, बहà¥à¤¤ सारे कीड़े हों, तो आंतों में अवरोध à¤à¥€ हो सकता है, मगर à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ कीड़े निकल सकते हैं (आमतौर पर राउंड वरà¥à¤® जो कि अरà¥à¤¥à¤µà¤°à¥à¤® जैसे दिखते हैं)।
गंà¤à¥€à¤° टेपवरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से दौरे à¤à¥€ पड़ सकते हैं।
पाइका (न खाने योगà¥à¤¯, अपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें जैसे कि मिटà¥à¤Ÿà¥€, चॉक, कागज आदि खाना) à¤à¥€ कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का à¤à¤• अनà¥à¤¯ संकेत है।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि दांत पीसना à¤à¥€ कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का संकेत हो सकता है। मगर इस विषय पर शोध​करà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की राय अलग-अलग है।
अगर, आपके शिशॠको थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® का हलà¥à¤•ा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो हो सकता है उसे कोई लकà¥à¤·à¤£ न हों। वह नितंबों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की शिकायत कर सकता है, खासकर कि रात में।
शिशॠके सो जाने के बाद रात को उसके नितंब देखें। उसके दोनों नितंबों को थोड़ा अलग करते हà¥à¤, टॉरà¥à¤š की रोशनी से उसकी गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास की जगह देखें। अगर, उसे थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® हà¥à¤ तो, आपको à¤à¤• या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कीड़े बाहर निकलते हà¥à¤, या शिशॠके पायजामे और चादर पर दिख सकते हैं। शिशॠके मल में à¤à¥€ आपको ये थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® दिख सकते हैं।
यदि आपके शिशॠको हà¥à¤•वरà¥à¤® से इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† है, तो उसे निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं:
जिस जगह से कीड़ों ने तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया है, उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ और खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है, विशेषकर पितà¥à¤¤à¥€ ​(हाइवà¥à¤¸-आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ेरिया)
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
अगर आपके शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हों, तो अधिक जानकारी व उपचार के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता लगाने के लिठकौन सी जांचें कराई जाती हैं?
शिशॠमें कीड़ों का पता लगाने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि उसकी जांच डॉकà¥à¤Ÿà¤° से करवाई जाà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° नीचे दी गई जांचों में से à¤à¤• जांच करवाने के लिठकह सकते हैं, जिससे शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चल सके:
मल की जांच। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠके मल का नमूना लेने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं। इस नमूने को जांच के लिठलैब में à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाà¤à¤—ा, ताकि कीड़ों या कीड़ों के अंडों का पता लगाया जा सके।
सà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ी टेप टेसà¥à¤Ÿà¥¤ यह जांच थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® के लिठकी जाती है, और इसमें शिशॠके नितंबों के आसपास टेप का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा चिपकाया जाता है, ताकि संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कीड़ों के अंडों को इकटà¥à¤ ा किया जा सके। इस टेप को फिर लैब में जांच के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है।
नाखूनों के नीचे देखना। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके नाखूनों के नीचे कीड़ों के अंडे होने की जांच कर सकते हैं।
रà¥à¤ˆ के फाहे (कॉटन-बड सà¥à¤µà¥‰à¤¬) से जांच। डॉकà¥à¤Ÿà¤° या नरà¥à¤¸ शिशॠके नितंबों के आसपास रà¥à¤ˆ के फाहे से पौंछकर कीड़े होने का पता लगा सकते हैं।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जांच। यह आमतौर पर तब कराया जाता है, जब शिशॠके शरीर में बहà¥à¤¤ सारे कीड़े हों। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कीड़ों की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाà¤à¤‚गे।
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